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Monday, February 28, 2011

"JUDGEMENT DAY " _1ST MAR

"JUDGEMENT DAY  " _1ST MAR
 मैं बेसब्री से 1 मार्च का इंतज़ार कर रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि इन सभी को, खासकर उन पांचों को मौत की सज़ा मिले क्योंकि यही वे लोग हैं जिन्होंने 27 फरवरी 2002 को 59 निर्दोष लोगों को ज़िंदा जलाने का काम किया था। 


59 लोग जो साबरमती एक्सप्रेस में मारे गए, वे इसलिए मारे गए कि वे हिंदू थे और अयोध्या में राम मंदिर बनवाना चाहते थे। क्या यह कोई ऐसा गुनाह था जिसके लिए उनको ज़िंदा जला दिया जाए?



790 लोग जो सारे गुजरात में मारे गए, वे इसलिए मारे गए कि वे मुसलमान थे... और कुछ मुट्ठीभर मुसलमानों ने (अब वे चिह्नित हो चुके हैं) एक ट्रेन में आग लगा दी थी जिसमें 59 हिंदू मारे गए। क्या संदिग्ध अपराधियों का धर्म और इन 790 लोगों का धर्म एक ही होना इतना बड़ा गुनाह था कि इनके किए की सज़ा उन्हें दी जाए?


59 लोगों की जान लेने वाले 31 लोगों को उनके किए की सज़ा 1 मार्च को मिल जाएगी।


लेकिन 790 लोगों की जान लेने वाले हज़ारों लोगों को – जिनमें एक नाम नरेंद्र मोदी का भी है – अपने किए की सज़ा कब मिलेगी... कभी मिलेगी भी क्या?

Tuesday, February 8, 2011

"कश्मीर में फेसबुक पर पाबंदी की तैयारी"


"कश्मीर में फेसबुक पर पाबंदी की तैयारी"

क्या हो रहा है ये देश मे बस सता हाथ मे आते ही लोग क्या से क्या कर देते है उनको खुद भी अंदाजा नहीं होता है इस बात का.
कोन कितना लूटेगा इस देश को कोई तो बस कहो किसी को तो आगे आना ही पड़ेगा डेमोक्रेसी का ये मतलब नै होता है की अमीर और अमीर हो जाये और गरीब और गरीब हो जाये क्या ये वोही रामराज्य जिसका सपना भगवान् राम ने देखा था. और सीता का त्याग किया थां.


क्या ये वोही डेमोक्रेसी है जिसका सपना महात्मा गाँधी ने देखा और सीने पर गोली खायी थी.
क्या फायेदा हुआ उनकी कुर्बानी का.
इस देश मे कश्मीरी खुश नहीं है कश्मीर मे, झारखण्ड और छतीसगढ़ मे नक्सली हो रही है वह की जनतां.


जो नेता बन गए है घोटाले पर घोटाले कर रहे कोई आदर्श सोअसीटी, कोई 2G घोटाला, कोम्मोन्वेअल्थ गेम घोटाला और ना जाने क्या क्या????
जो पकड़ा गया वो तो दुनिया क सामने है और जो अबी भी नै पकड़ा गया उसका क्या.
मेरी नज़र्रो मे तो अबी सता को दूसरी पार्टी के हाथो मे जाना ही चाहिए सही वक़्त आ गया है और वो दूसरी पार्टी कोई भी हो सकती है BJP ,NDA ,CPIM ,या फिर कोई REGIONAL पार्टी क्यों की जब तक सता कोई दूसरी पार्टी नै संभालेगी तब तक पूरी तरीके से ये साफ़ नै हो पायेगा की आखिर घोटाला हुआ किता बड़ा है और ये सिर्फ कर सकती है जनता.

Monday, February 7, 2011

BASED ON NEWS PAPER,JOURNALS N SUDARSAN NEWS CHANNEL

कांग्रेस और अंग्रेजों के बीच सत्ता के लिए जो सौदेबाजी हुई थी, उसमे नेताजी को 'देश निकाला' देना अंग्रेजों की मुख्य शर्त रही थी.
-नेता जी नेहरु के देहावसान के समय गुप्त वेश में उन्हें श्रद्धांजली देने आए थे.
-1965 के भारत-पकिस्तान युद्ध में जब भारत की सेनाएं हार रही थीं, तो शास्त्री जी ने नेताजी से संपर्क किया और नेताजी द्वारा अपनाए गये युद्ध कौशल और सुझाई गयी रणनीति पर चलकर भारत की हारती जा रही सेना ने अमेरिकी टेंकों के छक्के छुड़ा दिए, उस समय मोर्चे पर डटे सेना के जनरल नेताजी की गाडी के ड्राइवर बने हुए थे.
-नेता जी इंदिरा से भी मिले थे और उन्हीं के कहने पर इंदिरा ने अंग्रेजों की बनाई कांग्रेस का नाम बदलकर कांग्रेस (आई) रखा था.
-इंदिरा ने सरकारी दस्तावेजों में नेताजी के जीवित होने के संकेत देकर देश के सभी स्वतंत्रता सेनानियों में उनको सर्वोच्च स्थान दिया और उनके प्रति देश की कृतज्ञता प्रकट की.
-टीवी चैनल ने 1945 से लेकर इसके बाद के पचास वर्षों में विभिन्न अवसरों पर लिए गये नेताजी के अनेक चित्र प्रदर्शित किये.
-नेताजी के जीवित होने के अनेक सरकारी और अन्य देशों के प्रामाणिक दस्तावेज़ भी सुदर्शन न्यूज़ ने दिखाए.
-अनेक वयोवृद्ध लोगों ने प्रमाण देते हुए बताया कि नेताजी कब-कब किससे मिले.

कुरुक्षेत्र के एक प्रतिभाशाली पत्रकार श्री प्रदीप आर्य ने अपनी वर्षों की खोजबीन और शोध के आधार पर दावा किया कि अपने प्यारे नेताजी किसी बड़े गुप्त लक्ष्य को लेकर चलते रहे हैं, जो अखंड भारत के पुनर्निर्माण से जुड़ा है.

Sunday, February 6, 2011

HIII
This is ashwani kumar srivastava. from today onwards i m here

Thank you